बंधन सात फेरो का दंपतà¥à¤¤à¤¿ शिविर
शांतिदूत आचारà¥à¤¯ शà¥à¤°à¥€ महाशà¥à¤°à¤®à¤¨ जी के सà¥à¤¶à¤¿à¤¶à¥à¤¯ मà¥à¤¨à¥€à¤¶à¥à¤°à¥€ आलोक कà¥à¤®à¤¾à¤° जी आदि ठाना 3 के सानिधà¥à¤¯ मे दमà¥à¤ªà¤¤à¤¿ शिविर का आयोजन बंधन सात फेरो का लिया गया ! यह कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® तेरापंथ à¤à¤µà¤¨ मे लिया गया सरà¥à¤µà¤ªà¥à¤°à¤¥à¤® मà¥à¤¨à¤¿ शà¥à¤°à¥€ ने नवकार मंतà¥à¤° से कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ किठ! ततà¥à¤ªà¤¶à¥à¤šà¤¾à¤¤ महिला मंडल की à¤à¤• दंपतà¥à¤¤à¤¿ अनिल शीतल चिंडालिया दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मंगलाचरण हà¥à¤† !
इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® मे विदà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¤à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¸à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¨à¤¨à¥à¤¦ पà¥à¤‚ड की गरिमामय उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ रही व सà¤à¥€ दमà¥à¤ªà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को बहोत अचà¥à¤›à¤¾ मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ अलग अलग उदहारनो दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिठ! मà¥à¤¨à¤¿ शà¥à¤°à¥€ आलोक कà¥à¤®à¤¾à¤° जी के संसार पकà¥à¤·à¤¿à¤¯ पिताजी शà¥à¤°à¥€ मान रतनलालजी जोगड़ à¤à¥€ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ थे ! मà¥à¤¨à¤¿ शà¥à¤°à¥€ हिमकà¥à¤®à¤¾à¤° जी अपनी समधà¥à¤° आवाज मे दमà¥à¤ªà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठगीत का संगान किये !
इस शिविर मे सोचो व शबà¥à¤¦ बनाओ पेपर लिया गया जिसमे रोहित सà¥à¤¨à¥‡à¤¹à¤² गेलडा व सà¥à¤µà¤¾à¤¤à¤¿ पपà¥à¤ªà¥‚ मेहला पà¥à¤°à¤¥à¤® दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ रहे तथा à¤à¤• मिनट पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता ' पासिंग द बॉल ' मे पà¥à¤°à¤®à¥‹à¤¦ जी बैद विजेता रहे सà¤à¥€ विजेताओं को पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¥‚त किया गया !
मà¥à¤¨à¤¿ शà¥à¤°à¥€ आलोक कà¥à¤®à¤¾à¤° जी ने अपने उदà¥à¤¬à¥‹à¤§à¤¨ मे कहा की अगà¥à¤¨à¤¿ के सात फेरे है 1-विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ 2-संवेदनशिल 3-हमदरà¥à¤¦ 4-आपसी मेल 5-सहनशीलता 6-समरà¥à¤ªà¤£à¤¤à¤¾ 7-धरà¥à¤® का विकास यह सà¤à¥€ दमà¥à¤ªà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ मे होना चाहिठजिससे जीवन मे समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ का सामना नहीं करना पड़े व धरà¥à¤® धà¥à¤¯à¤¾à¤¨, तप करने से परिवार मे शांति रहती है !
इस कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का कà¥à¤¶à¤² मंच संचालन सपना बैद ने किया तथा शिविर मे सकल जैन समाज के दमà¥à¤ªà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ ने à¤à¤¾à¤— लेकर शिविर को वृहद बनाया सà¤à¥€ काफ़ी खà¥à¤¶ नजर आ रहे थे !

















